महाराष्ट्र

महाराष्ट्र हादसा: मलबे से निकाले गए 9 शव, रेस्क्यू जारी

Saba Naaz
31 July 2026 2:24 PM IST
महाराष्ट्र हादसा: मलबे से निकाले गए 9 शव, रेस्क्यू जारी
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मुंबई। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया। नारपोली इलाके के भंडारी कंपाउंड में स्थित चार मंजिला कोहिनूर इमारत का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई, जिसके बाद पुलिस, नगर निगम और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमों ने मौके पर पहुंचकर बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया।

इस हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। राहत और बचाव दल लगातार मलबे को हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, अभी भी कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की संभावना है। बचाव अभियान के दौरान एनडीआरएफ की टीम ने एक महिला को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की, जिसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।

जानकारी के अनुसार, यह हादसा भिवंडी पश्चिम के नारपोली स्थित भंडारी कंपाउंड में हुआ। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, कोहिनूर इमारत को पहले ही खतरनाक और जर्जर घोषित किया जा चुका था। नगर निगम ने इसे सी-कैटेगरी में रखा था और लोगों को इमारत खाली करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद हादसे के समय इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर कुछ मजदूर काम कर रहे थे।

बताया जा रहा है कि हादसे से कुछ समय पहले स्थानीय लोगों ने इमारत से चटकने और दरार आने जैसी आवाजें सुनी थीं। इसके बाद आसपास रहने वाले कुछ लोगों ने सतर्कता दिखाते हुए कई परिवारों को बाहर निकाल लिया था। हालांकि, कुछ मजदूर और लोग अंदर ही रह गए, जो इमारत के अचानक गिरने के बाद मलबे में फंस गए।

घटना की सूचना मिलते ही ठाणे जिला प्रशासन, पुलिस, फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव दल ने आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया। एनडीआरएफ और ठाणे डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स के जवानों ने खोजी अभियान चलाया। इस दौरान एनडीआरएफ के एक असिस्टेंट कमांडेंट के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।

ठाणे नगर निगम के डिजास्टर मैनेजमेंट सेल के अनुसार, इमारत को पहले से असुरक्षित घोषित किया गया था। इसके बावजूद वहां कथित तौर पर काम चल रहा था। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि जर्जर घोषित होने के बाद भी इमारत में गतिविधियां कैसे जारी थीं और इसके लिए जिम्मेदार कौन लोग हैं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भिवंडी हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज करने और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने घायलों के बेहतर इलाज के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।

भिवंडी में पुराने और जर्जर भवनों की समस्या लंबे समय से चिंता का विषय रही है। बारिश के मौसम में कमजोर इमारतों के गिरने का खतरा और बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर ऐसी इमारतों को खाली कराना और मरम्मत या पुनर्निर्माण की प्रक्रिया पूरी करना बेहद जरूरी है।

फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रशासन का कहना है कि जब तक मलबे में फंसे सभी लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक अभियान जारी रहेगा। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और लोग प्रशासन से जर्जर इमारतों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

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